2 Jul 2013

दिल तो बच्चा है

Posted by sapana

girl-and-heart-balloon-wallpapers_9675_1280x1024

दिलको बाहेर जानेसे रोक लेते है एक बच्चेकी तराह
चोंट लगेगी ऐसा उसे समजाते है एक बच्चेकी तराह

इश्ककी पाठशालासे घभरा जाता है दिल जब मेरा
दिलको इम्तेहानमे डाले रखते है एक बच्चेकी तराह

रातके अंधेरोसे तन्हा डर जाता है दिल जब तो
उसे सिनेसे लगाके सेहलाते है एक बच्चेकी तराह

कोइ प्यारासा खिलौना देखके जब बहेक जाता है दिल
उसे मज़हबकी बातोमे उलजाते है एक बच्चेकी तराह

नई सुबहके जब येह ख्वाब देखने लगता है तो
उसे तारिकीयोसे डरा देते है एक बच्चेकी तरह

दिल तो बच्चा है जी , उसे समजानेके लिये हम
बाज़ी-ए- अतफाल खेला करते है एक बच्चेकी तराह

‘सपना’की गोदमे पला बडा हुआ है येह दिल
फिर भी उसे कही रखके भूल जाते है एक बच्चेकी तराह

dilko bahaar jaanese rok lete hai ek bachcheki tarah
chot lagegei aisa use samajaate hai ek bachcheki tarah

ishqki paathshalase ghabhara jata hai jab dil mera
dilko imtehanme dale rakhate hai ek bchcheki tarah

ratke andherose tanha dar jata hai dil jab to
use sinese lagake sehalate hai ek bchcheki tarah

koi pyarasa khilauna dekhke jab bahek jata hai dil to
use mazahabki batome ulajate hai ek bachcheki tarah

nai subahake jab yeh khwaab dekhane lagata hai to
use tariqiyose dara dete hai ek bachcheki tarah

dil to bachcha hai ji use samajaaneke liye ham
baazi-e- atfal khela larate hai ek bachcheki tarah

‘sapana’ki godame pala bada huaa hai yeh dil
fir bhI use kahi rakhake bhool jate hai ek bachcheki tarah

Sapana Sapana

Subscribe to Comments

12 Responses to “दिल तो बच्चा है”

  1. बहुत सुन्दर पंक्तियाँ

     

    Deepak Kalathiya

  2. So true!
    That package of emotions, the “Dil”, residing in every human being, does not know nor understand limitations of time, place and people. Hence is always vulnerable, just like a child irrespective of age. And it needs to be protected by cajoling, fooling, threatening and many other treats a mother uses for her child.

    You have described this so well in your unique poetic way.

    Great job, Sapanaji

     

    Hemant Vora

  3. Bahot khoob

     

    Shenny Mawji

  4. ‘सपना’की गोदमे पला बडा हुआ है येह दिल
    फिर भी उसे कही रखके भूल जाते है एक बच्चेकी तराह
    वाह बोहॊत सुन्दर, दिल को क़ाबू करना बड़ा कठन हॆ
    ना जाने देख के कियूं उन को ये हुआ ऎहसास
    के मेरे दिल पे उनहें इख़तयार आज भी हॆ

     

    Kalimullah

  5. Dear Sapanaben,

    What an original and poetic gazal! I am very impressed! Please present this one at next Poetry Festival at UF. You have proved yourself a truly gifted poetess! Congratulations and Best Wishes,

    Dinesh O. Shah

     

    Dr. Dinesh O. Shah

  6. वाह! बहूत खूब!
    I agree with Dineshbhai’s opinion. Proud of you.
    Saryu

     

    SARYU PARIKH

  7. नयी लंबी रदीफ लेकर दिल पर कही गयी एक बहुत अच्छी मुसलसल गझल.मेराआपको
    दिली अभिनंदन.

     

    kishore modi

  8. दिल तो बच्चा है जी , उसे समजानेके लिये हम
    बाज़ी-ए- अतफाल खेला करते है एक बच्चेकी तराह
    शुभान अल्लाह
    याद आया बाजीच ए अत्फाल है दुनिया मेरे आगे
    होता है शबो-रोज तमाशा मेरे आगे।’
    यह सम्पूर्ण संसार ही बाजीच-ए-अतफाल है, बच्चों का खेल है। यहां शब-ए-रोज, रात और दिन खेल तमाशा जारी है। हमारी अपनी जिंदगी के रंज और गम को हम कामनाओं के मंजर में बसाते हैं। बनते-बनाते हैं। बिगड़ते और बिगाड़ते हैं। टूटते हैं, ढहते हैं और कभी-कभी अपनी खुशी और गम में मुस्कुरा लेते हैं। इस फानी-नश्वर दुनिया में तख्त औ ताज रुतबा और शान, मान और अपमान दरअसल एक इन्सानी खेल ही तो है।
    ‘इक खेले है औरंगे सुलेमां मेरे नजदीक
    इक बात है ऐजाजे-मसीहा मेरे आगे।’
    यही बात तो कबीरदास भी कहते है-
    ‘यह संसार कागज की पुड़िया
    बूंद पड़े गली जाना है।’
    गालिब और कबीर साम्प्रदायकिता, धर्म और मजहब की संकीर्ण सीमाओं से परे के शायर हैं। उनमें अपार मानव प्रेम और विशाल हृदयता पाई जाती है।

     

    pragnaju

  9. हकिकतका अच्छा बयां… बहेतरीन रचना…..!!

     

    Ashok Jani 'Anand'

  10. माशाल्लाह…क्या कहे !! speechless…
    आपकी कलम हिन्दीमें कमाल करती है..बस..छुकर छा जाती है..
    बहोत खूब..बहोत खूब….

     

    Devika Dhruva

  11. waah waah kya baat hai dil to bachcha hai !! very nice behna.
    Rekha Shukla

     

    sapana

  12. i’m am mighty impressed. a very sentimental rachnaa. very goog, heart touching

    rehman

     

    sapana

Leave a Reply

Message:

 


Warning: Invalid argument supplied for foreach() in /homepages/1/d487227804/htdocs/hindi/wp-includes/script-loader.php on line 2678