21 Mar 2009

मेरे दोस्त

Posted by sapana

friendship-day

मेरे दोस्त
अंधेरोसे उजालोकी तरफ़ लेके आए है,
विरानोसे बहारकी तरफ़ लेके आए है,

खुशियोमे साथ साथ चले है मेरे दोस्त,
उदासीमे भी दूर तक साथ आये है

कह्तेहे की खुदाकी नेअमत होते हे
अच्छे दोस्त खुदाकी तरफसे आये है

सूखे पतोके बीच वीरान सडकोपे ,
बहार बनके साथ साथ चले आये है

मेरे उदास चहेरेपे मुस्कराहट बनके,
मेरे अंधेरोमे चिराग बनके आये है

सपनाको महोबत करना सीखाया,
सपनाके सपनोको सच करने आये है

अपनोसे भी ज़्यादा करीब रहे मेरे,
ऐसे है मेरे दोस्त जाने कहासे आये है

सपना सपना

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4 Responses to “मेरे दोस्त”

  1. अपनोसे भी ज़्यादा करीब रहे मेरे,
    ऐसे है मेरे दोस्त जाने कहासे आये है
    वाह
    याद आया वॉ शख्स…

    सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा |
    लिखा जिसने तराना ए हिन्द वो शख्स
    मुसलमान था ||

     

    pragnajuvyas

  2. वाह सखी, बहोत सुंदर रचना.
    सरयू

     

    SARYU PARIKH

  3. शुक्रिया प्रज्ञाजुनहेन
    आपकी कोमेन्ट नया उत्साह देती है

     

    sapana

  4. शुक्रिया सर्युबहेन!!

     

    sapana

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